हुनर है तो सरकार साथ है – प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना
गाँव हो या शहर, हमारे आसपास ऐसे लोग ज़रूर होते हैं जो अपने हाथों के हुनर से रोज़ी कमाते हैं — कोई बढ़ई है, कोई लोहार, कोई दर्ज़ी, कोई नाई, कोई मोची।
सालों से ये लोग चुपचाप मेहनत करते रहे, लेकिन अब सरकार ने इनके हुनर को पहचान देने के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरू की है।
ये योजना सिर्फ पैसा देने की नहीं है,
👉 ये सम्मान देने की योजना है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?
यह योजना पारंपरिक कारीगरों और कामगारों के लिए है, ताकि वे
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अपने काम को बेहतर बना सकें
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नए औज़ार खरीद सकें
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ट्रेनिंग लेकर ज़्यादा कमाई कर सकें
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और बिना गारंटी लोन लेकर आगे बढ़ सकें
इस योजना में क्या-क्या मिलेगा?
✔ फ्री ट्रेनिंग (काम को और बेहतर बनाने के लिए)
✔ ट्रेनिंग के दौरान रोज़ का स्टाइपेंड
✔ औज़ार खरीदने के लिए ₹15,000 की मदद
✔ बिना गारंटी लोन
🔹 पहला लोन – ₹1 लाख
🔹 दूसरा लोन – ₹2 लाख
✔ पहचान के लिए PM विश्वकर्मा ID कार्ड और सर्टिफिकेट
कौन लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
अगर आप इनमें से कोई काम करते हैं, तो ये योजना आपके लिए है:
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बढ़ई, लोहार, मोची
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दर्ज़ी, नाई, धोबी
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कुम्हार, सुनार
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राजमिस्त्री, मूर्तिकार
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और दूसरे पारंपरिक कारीगर
👉 उम्र 18 साल से ऊपर होनी चाहिए
👉 आधार कार्ड और बैंक खाता ज़रूरी है
आवेदन कैसे करें? (बिल्कुल आसान भाषा में)
1️⃣ नज़दीकी CSC सेंटर जाएँ
2️⃣ आधार से e-KYC कराएँ
3️⃣ अपना काम/हुनर चुनें
4️⃣ ट्रेनिंग पूरी करें
5️⃣ टूलकिट और फिर लोन मिलेगा
👉 किसी दलाल को पैसे न दें — आवेदन सरकारी और सुरक्षित है।
ये योजना खास क्यों है?
क्योंकि ये योजना कहती है —
“अगर हाथ में हुनर है, तो खाली हाथ नहीं रहोगे।”
ये योजना कारीगरों को
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आत्मनिर्भर बनाती है
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काम को पहचान देती है
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और बच्चों का भविष्य संवारने में मदद करती है
अंतिम बात
अगर आप मेहनत से काम करते हैं,
अपने हुनर पर भरोसा रखते हैं,
तो प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना आपके लिए एक सुनहरा मौका है।
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