जंगल में काम करना आसान नहीं होता। काँटे, पत्थर, जहरीले कीड़े और गर्म ज़मीन—हर कदम पर खतरा। चरण पादुका योजना ऐसे ही मेहनतकश लोगों के लिए शुरू की गई है, ताकि काम करते समय उनके पैर सुरक्षित रहें और रोज़गार में रुकावट न आए।
योजना का उद्देश्य
जंगल क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों—खासकर तेंदूपत्ता संग्राहकों—को मुफ़्त जूते/चप्पल देकर चोट, संक्रमण और दुर्घटनाओं से बचाना।
क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
-
मुफ़्त मजबूत जूते/चप्पल (पादुका)
-
पैरों में चोट, छाले और संक्रमण से बचाव
-
काम के दौरान सुरक्षा + आराम
-
गरीब परिवारों को सीधा लाभ, बिना किसी शुल्क के
कौन ले सकता है लाभ?
-
छत्तीसगढ़ राज्य के निवासी
-
जंगल में काम करने वाले श्रमिक
-
तेंदूपत्ता संग्राहक और वन-आधारित कार्यकर्ता
-
जिनका नाम वन विभाग/सहकारी समिति के रिकॉर्ड में दर्ज हो
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
-
अपने क्षेत्र की वन समिति / वन विभाग कार्यालय से संपर्क करें
-
तेंदूपत्ता संग्राहक के रूप में पंजीकरण/पहचान दिखाएं
-
सूची में नाम आने पर निःशुल्क पादुका वितरण किया जाता है
-
आमतौर पर यह वितरण सीज़न से पहले किया जाता है
आम आदमी की भाषा में
जो लोग जंगल से रोज़ी कमाते हैं, उनके लिए अच्छे जूते लग्ज़री नहीं, ज़रूरत हैं। चरण पादुका योजना यही समझती है—इसलिए बिना काग़ज़ी झंझट के, सीधे मदद पहुँचाती है।
मेहनत पैरों से शुरू होती है, उनकी सुरक्षा भी ज़रूरी है।
No comments:
Post a Comment